सूरह 6 · जुज़ 8
Al-An'am · 6:137
وَكَذَٰلِكَ زَيَّنَ لِكَثِيرٍ مِنَ الْمُشْرِكِينَ قَتْلَ أَوْلَادِهِمْ شُرَكَاؤُهُمْ لِيُرْدُوهُمْ وَلِيَلْبِسُوا عَلَيْهِمْ دِينَهُمْ ۖ وَلَوْ شَاءَ اللَّهُ مَا فَعَلُوهُ ۖ فَذَرْهُمْ وَمَا يَفْتَرُونَ
और इसी प्रकार, बहुत-से मुश्रिकों के लिए अपनी संतान के वध करने को उनके बनाये हुए साझियों ने सुशोभित कर दिया है, ताकि उनका विनाश कर दें और ताकि उनके धर्म को उनपर संदिग्ध कर दें और यदि अल्लाह चाहता, तो वे ये (कुकर्म) नहीं करते। अतः, आप उन्हें छोड़[1] दें तथा उनकी बनायी हुई बातों को।
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1. अरब के कुछ मुश्रिक अपनी पुत्रियों को जन्म लेते ही जीवित गाड़ दिया करते थे।
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1. अरब के कुछ मुश्रिक अपनी पुत्रियों को जन्म लेते ही जीवित गाड़ दिया करते थे।
तफ़सीर
जिस तरह शैतान ने बहुदेववादियों के लिए इस अन्यायपूर्ण निर्णय को सुंदर बना दिया है, उसी तरह बहुत-से बहुदेववादियों के लिए उनके साझी शैतानों ने यह सुशोभित किया है कि वे गरीबी के डर से अपने बच्चों की हत्या कर दें; ताकि वह उनसे उस आत्मा की हत्या कराकर उन्हें नष्ट कर दे, जिसकी नाहक़ हत्या करना अल्लाह ने निषिद्ध ठहराया है, और ताकि वह उनपर उनके धर्म को गड्डमड्ड कर दे, फिर वे यह न जान सकें कि क्या वैध है और क्या अवैध। और यदि अल्लाह चाहता कि वे ऐसा न करें, तो वे ऐसा नहीं करते, परंतु अल्लाह ने अपनी व्यापक हिकमत के तहत ऐसा ही चाहा। अतः (ऐ रसूल!) आप इन बहुदेववादियों तथा अल्लाह पर इनके मिथ्यारोपण को छोड़ दें। क्योंकि इससे आपको कोई नुक़सान नहीं होगा, और उनका मामला अल्लाह को सौंप दें।
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