सूरह 55 · जुज़ 27

Ar-Rahman · 55:8

أَلَّا تَطْغَوْا فِي الْمِيزَانِ

ताकि तुम उल्लंघन न करो तराजू (न्याय) में।

तफ़सीर

उसने न्याय को इसलिए स्थापित किया, ताकि (ऐ लोगो!) तुम अन्याय न करो और माप-तौल में धोखाधड़ी से काम न लो।

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