सूरह 55 · जुज़ 27
Ar-Rahman · 55:7
وَالسَّمَاءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ الْمِيزَانَ
और आकाश को ऊँचा किया और रख दी तराजू।[1]
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1. (देखियेः सूरह ह़दीद, आयतः25) अर्थ यह है कि धरती में न्याय का नियम बनाया और उस के पालन का आदेश दिया।
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1. (देखियेः सूरह ह़दीद, आयतः25) अर्थ यह है कि धरती में न्याय का नियम बनाया और उस के पालन का आदेश दिया।
तफ़सीर
तथा उसने आकाश को धरती के ऊपर उसके छत के रूप में ऊँचा किया। तथा धरती पर न्याय को स्थापित किया और अपने बंदों को उसका आदेश दिया।
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