सूरह 53 · जुज़ 27

An-Najm · 53:17

مَا زَاغَ الْبَصَرُ وَمَا طَغَىٰ

न तो निगाह चुंधियाई और न सीमा से आगे हुई।

तफ़सीर

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की निगाह दाएँ-बाएँ नहीं गई और न उस सीमा से आगे बढ़ी, जो उनके लिए निर्धारित की गई थी।

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