सूरह 53 · जुज़ 27
An-Najm · 53:16
إِذْ يَغْشَى السِّدْرَةَ مَا يَغْشَىٰ
जब सिद्-रह पर छा रहा था, जो कुछ छा रहा था।[1]
____________________
1. ह़दीस में है कि वह सोने के पतिंगे थे। (सह़ीह़ मुस्लिमः 173)
____________________
1. ह़दीस में है कि वह सोने के पतिंगे थे। (सह़ीह़ मुस्लिमः 173)
तफ़सीर
जब 'सिदरा' पर अल्लाह के आदेश से एक महान वस्तु छा रही थी, जिसकी वास्तविकता केवल अल्लाह ही जानता है।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें