सूरह 52 · जुज़ 27
At-Tur · 52:30
أَمْ يَقُولُونَ شَاعِرٌ نَتَرَبَّصُ بِهِ رَيْبَ الْمَنُونِ
क्या वे कहते हैं कि ये कवि हैं, हम प्रतीक्षा कर रहे हैं उसके साथ कालचक्र की?[1]
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1. अर्थात क़ुरैश इस प्रतीक्षा में हैं कि संभवतः आप को मौत आ जाये तो हमें चैन मिल जाये।
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1. अर्थात क़ुरैश इस प्रतीक्षा में हैं कि संभवतः आप को मौत आ जाये तो हमें चैन मिल जाये।
तफ़सीर
या क्या ये झुठलाने वाले कहते हैं : मुहम्मद एक रसूल नहीं हैं, बल्कि वह एक शा'इर हैं, जिनके बारे में हम इस बात की प्रतीक्षा करते हैं कि मौत उन्हें उचक ले और हम उनसे आराम पा जाएँ।
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