सूरह 50 · जुज़ 26
Qaf · 50:17
إِذْ يَتَلَقَّى الْمُتَلَقِّيَانِ عَنِ الْيَمِينِ وَعَنِ الشِّمَالِ قَعِيدٌ
जबकि[1] (उसके) दायें-बायें दो फ़रिश्ते लिख रहे हैं।
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1. अर्थात प्रत्येक व्यक्ति के दायें तथा बायें दो फ़रिश्ते नियुक्त हैं जो उस की बातों तथा कर्मों को लिखते रहते हैं। जो दायें है वह पुण्य को लिखता है और जो बायें है वह पाप को लिखता है।
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1. अर्थात प्रत्येक व्यक्ति के दायें तथा बायें दो फ़रिश्ते नियुक्त हैं जो उस की बातों तथा कर्मों को लिखते रहते हैं। जो दायें है वह पुण्य को लिखता है और जो बायें है वह पाप को लिखता है।
तफ़सीर
जब दो लेने वाले फ़रिश्ते उसके अमल को लेते हैं। उनमें से एक उसके दाहिनी ओर बैठा है, और दूसरा उसके बाईं ओर बैठा है।
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