सूरह 47 · जुज़ 26
Muhammad · 47:2
وَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ وَآمَنُوا بِمَا نُزِّلَ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَهُوَ الْحَقُّ مِنْ رَبِّهِمْ ۙ كَفَّرَ عَنْهُمْ سَيِّئَاتِهِمْ وَأَصْلَحَ بَالَهُمْ
तथा जो ईमान लाये और सदाचार किये तथा उस (क़ुर्आन) पर ईमान लाये, जो उतारा गया है मुह़म्मद पर और (दरअसल) वह सच है उनके पालनहार की ओर से, तो दूर कर दिया उनसे, उनके पापों को तथा सुधार दिया उनकी दशा को।
तफ़सीर
और जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और अच्छे कार्य किए और उसपर ईमान लाए, जो अल्लाह ने अपने रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर अवतरित किया है (और वही उनके पालनहार की ओर से सत्य है), अल्लाह ने उनके पापों को मिटा दिया, चुनाँचे वह उनपर उनकी पकड़ नहीं करेगा और उनके सांसारिक और आख़िरत के मामलों को ठीक कर दिया।
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