सूरह 40 · जुज़ 24

Ghafir · 40:82

أَفَلَمْ يَسِيرُوا فِي الْأَرْضِ فَيَنْظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الَّذِينَ مِنْ قَبْلِهِمْ ۚ كَانُوا أَكْثَرَ مِنْهُمْ وَأَشَدَّ قُوَّةً وَآثَارًا فِي الْأَرْضِ فَمَا أَغْنَىٰ عَنْهُمْ مَا كَانُوا يَكْسِبُونَ

तो क्या वह चले-फिरे नहीं धरती में, ताकि देखते कि कैसा रहा उनका परिणाम, जो उनसे पूर्व थे? वे उनसे अधिक कड़े थे, शक्ति में और धरती में अधिक चिन्ह[1] छोड़ गये। तो नहीं आया उनके काम, जो वे कर रहे थे।
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1. अर्थात निर्माण तथा भवन इत्यादि।

तफ़सीर

तो क्या ये झुठलाने वाले लोग धरती में चले-फिरे नहीं, ताकि देख लेते कि उनसे पहले झुठलाने वाली जातियों का परिणाम कैसा रहा और उससे सीख प्राप्त करते? उनसे पहले के लोग ज़्यादा धन वाले तथा ज़्यादा शक्तिशाली थे और वे धरती में अधिक चिह्न भी छोड़ गए हैं। परंतु, उनकी यह शक्ति, जिसे प्राप्त करने में वे लगे रहते थे, उस समय कुछ काम न आई, जब अल्लाह की विनाशकारी यातना आ गई।

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