सूरह 40 · जुज़ 24
Ghafir · 40:61
اللَّهُ الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ اللَّيْلَ لِتَسْكُنُوا فِيهِ وَالنَّهَارَ مُبْصِرًا ۚ إِنَّ اللَّهَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَشْكُرُونَ
अल्लाह ही ने तुम्हारे लिए रात्रि बनाई, ताकि तुम विश्राम करो उसमें तथा दिन को प्रकाशमान बनाया।[1] वस्तुतः, अल्लाह बड़ा उपकारी है लोगों के लिए। किन्तु, अधिक्तर लोग कृतज्ञ नहीं होते।
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1. ताकि तुम जीविका प्राप्त करने के लिये दौड़-धूप करो।
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1. ताकि तुम जीविका प्राप्त करने के लिये दौड़-धूप करो।
तफ़सीर
अल्लाह ही ने तुम्हारे लिए रात्रि को अंधकारमय बनाया, ताकि तुम उसमें विश्राम कर सको, तथा दिन को प्रकाशमान बनाया, ताकि उसमें काम कर सको। निश्चय अल्लाह लोगों पर बड़ा अनुग्रहशील है कि उन्हें अपनी प्रकट एवं गुप्त नेमतों से नवाज़ा। किन्तु, अधिकतर लोग उसकी नेमतों का शुक्र अदा नहीं करते।
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