सूरह 4 · जुज़ 5
An-Nisa · 4:86
وَإِذَا حُيِّيتُمْ بِتَحِيَّةٍ فَحَيُّوا بِأَحْسَنَ مِنْهَا أَوْ رُدُّوهَا ۗ إِنَّ اللَّهَ كَانَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ حَسِيبًا
और जब तुमसे सलाम किया जाये, तो उससे अच्छा उत्तर दो अथवा उसी को दोहरा दो। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक विषय का ह़िसाब लेने वाला है।
तफ़सीर
जब कोई तुम्हें सलाम करे, तो उसे सलाम का उससे अच्छा उत्तर दो अथवा उसके कहे हुए शब्दों ही को दोहरा दो। अलबत्ता, उससे अच्छा उत्तर देना बेहतर है। निःसंदेह अल्लाह तुम्हारे कार्यों का संरक्षक है और वह हर एक को उसके कार्य का बदला देगा।
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