सूरह 4 · जुज़ 5
An-Nisa · 4:146
إِلَّا الَّذِينَ تَابُوا وَأَصْلَحُوا وَاعْتَصَمُوا بِاللَّهِ وَأَخْلَصُوا دِينَهُمْ لِلَّهِ فَأُولَٰئِكَ مَعَ الْمُؤْمِنِينَ ۖ وَسَوْفَ يُؤْتِ اللَّهُ الْمُؤْمِنِينَ أَجْرًا عَظِيمًا
परन्तु जिन्होंने क्षमा याचना कर ली, अपना सुधार कर लिया, अल्लाह को सुदृढ़ पकड़ लिया और अपने धर्म को विशुध्द कर लिया, तो वे लोग ईमान वालों के साथ होंगे और अल्लाह ईमान वालों को बहुत बड़ा प्रतिफल प्रदान करेगा।
तफ़सीर
परंतु जो लोग अपने निफ़ाक़ (पाखंड) से पश्चाताप करके अल्लाह की ओर लौट आए, अपने अंतरमन को सुधार लिया, अल्लाह की प्रतिज्ञा का पालन किया और अपने कार्य को दिखावा किए बिना अल्लाह के लिए विशुद्ध कर दिया, तो इन गुणों वाले लोग दुनिया एवं आख़िरत में मोमिनों के साथ होंगे, और अल्लाह मोमिनों को बड़ा प्रतिफल प्रदान करेगा।
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