सूरह 39 · जुज़ 24
Az-Zumar · 39:43
أَمِ اتَّخَذُوا مِنْ دُونِ اللَّهِ شُفَعَاءَ ۚ قُلْ أَوَلَوْ كَانُوا لَا يَمْلِكُونَ شَيْئًا وَلَا يَعْقِلُونَ
क्या उन्होंने बना लिए हैं अल्लाह के अतिरिक्त बहुत-से अभिस्तावक (सिफ़ारिशी)? आप कह दें: क्या (ये सिफ़ारिश करेंगे) यदि वे अधिकार न रखते हों किसी चीज़ का और न ही समझ सकते हों?
तफ़सीर
इन मुश्रिकों ने अपने कुछ बुतों को अपना सिफ़ारिशी बना लिया है और अल्लाह के स्थान पर उन्हीं से लाभ की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐ रसूल! आप कह दें: क्या तुम इनको सिफ़ारिशी बनाकर ही रहोगे, यद्यपि वे अपने लिए और तुम्हारे लिए किसी चीज़ के मालिक न हों, और न ही कुछ समझ सकते हों? ये तो चेतना से खाली जड़ पदार्थ हैं, जो न बोलते हैं, न सुनते है, न देखते हैं, न लाभ दे सकते हैं और न क्षति पहुँचा सकते हैं।
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