सूरह 37 · जुज़ 23
As-Saffat · 37:36
وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُو آلِهَتِنَا لِشَاعِرٍ مَجْنُونٍ
तथा कह रहे थेः क्या हम त्याग देने वाले हैं अपने पूज्यों को, एक उन्मत कवि के कारण?
तफ़सीर
और वे अपने कुफ़्र के लिए तर्क देते हुए कहते थे : क्या हम अपने देवताओं की पूजा एक दीवाने कवि के कहने पर छोड़ दें?! ऐसा कहने से उनका तात्पर्य अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम थे।
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