सूरह 34 · जुज़ 22
Saba · 34:54
وَحِيلَ بَيْنَهُمْ وَبَيْنَ مَا يَشْتَهُونَ كَمَا فُعِلَ بِأَشْيَاعِهِمْ مِنْ قَبْلُ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا فِي شَكٍّ مُرِيبٍ
और रोक बना दी जायेगी उनके तथा उसके बीच, जिसकी वे कामना करेंगे जैसे किया गया इनके जैसों के साथ, इससे पहले। वास्तव में, वे संदेह में पड़े थे।
तफ़सीर
और इन झुठलाने वालों को इनकी इच्छाओं की प्राप्ति, जैसे जीवन के सुखों, कुफ़्र से तौबा, आग से मुक्ति और सांसारिक जीवन में वापसी, से रोक दिया जाएगा, जैसा कि इनसे पहले झुठलाने वाले समुदायों में से इन जैसे लोगों के साथ किया जा चुका है। वे रसूलों की लाई हुई बातों, जैसे एकेश्वरवाद और मरणोपरांत पुनर्जीवन पर ईमान के संबंध में संदेह में पड़े हुए थे, एक ऐसा संदेह जो कुफ़्र का कारण बन गया।
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