सूरह 34 · जुज़ 22

Saba · 34:4

لِيَجْزِيَ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ ۚ أُولَٰئِكَ لَهُمْ مَغْفِرَةٌ وَرِزْقٌ كَرِيمٌ

ताकि[1] वह बदला दे उन्हें, जो ईमान लाये तथा सुकर्म किये। उन्हीं के लिए क्षमा तथा सम्मानित जीविका है।
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1. यह प्रलय के होने का कारण है।

तफ़सीर

अल्लाह ने 'लौहे महफूज़' में जो कुछ लिख रखा है, उसका उद्देश्य यह है कि वह ईमान लाने वालों तथा अच्छे कर्म करने वालों को उनका भरपूर बदला दे। उक्त गुणों से विशिष्ट इन लोगों के लिए अल्लाह की ओर से उनके गुनाहों की माफ़ी है, चुनाँचे वह उन गुनाहों पर उनकी पकड़ नहीं करेगा। तथा उनके लिए अच्छी जीविका है, जो कि क़ियामत के दिन अल्लाह की जन्नत है।

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