सूरह 34 · जुज़ 22
Saba · 34:22
قُلِ ادْعُوا الَّذِينَ زَعَمْتُمْ مِنْ دُونِ اللَّهِ ۖ لَا يَمْلِكُونَ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ فِي السَّمَاوَاتِ وَلَا فِي الْأَرْضِ وَمَا لَهُمْ فِيهِمَا مِنْ شِرْكٍ وَمَا لَهُ مِنْهُمْ مِنْ ظَهِيرٍ
आप कह दें: उन्हें पुकारो[1] जिन्हें तुम (पूज्य) समझते हो अल्लाह के सिवा। वह नहीं अधिकार रखते कण बराबर भी, न आकाशों में न धरती में तथा नहीं है उनका उन दोनों में कोई भाग और नहीं है उस अल्लाह का उनमें से कोई सहायक।
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1. इस में संकेत उन की ओर है जो फ़रिश्तों को पूजते तथा उन्हें अपना सिफ़ारिशी मानते थे।
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1. इस में संकेत उन की ओर है जो फ़रिश्तों को पूजते तथा उन्हें अपना सिफ़ारिशी मानते थे।
तफ़सीर
(ऐ रसूल) इन बहुदेववादियों से कह दीजिए : जिन्हें तुमने अल्लाह के सिवा अपना पूज्य समझ रखा है, उन्हें पुकारो, ताकि वे तुम्हें लाभ पहुँचाएँ या तुमसे हानि को दूर करें। क्योंकि वे आकाशों तथा धरती में एक कण के बराबर भी अधिकार नहीं रखते। तथा उनमें अल्लाह के साथ उनकी कोई भागीदारी भी नहीं है। और न ही अल्लाह का कोई सहायक है, जो उसकी मदद करे। क्योंकि वह साझेदारों से तथा सहायकों से बेनियाज़ है।
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