सूरह 34 · जुज़ 22
Saba · 34:16
فَأَعْرَضُوا فَأَرْسَلْنَا عَلَيْهِمْ سَيْلَ الْعَرِمِ وَبَدَّلْنَاهُمْ بِجَنَّتَيْهِمْ جَنَّتَيْنِ ذَوَاتَيْ أُكُلٍ خَمْطٍ وَأَثْلٍ وَشَيْءٍ مِنْ سِدْرٍ قَلِيلٍ
परन्तु, उन्होंने मुँह फेर लिया, तो हमने भेज दी उनपर बाँध तोड़ बाढ़ तथा बदल दिया हमने उनके दो बाग़ों को, दो कड़वे फलों के बाग़ों और झाऊ तथा कुछ बैरी से।
तफ़सीर
फिर उन्होंने अल्लाह का शुक्रिया अदा करने और उसके रसूलों पर ईमान लाने से मुँह फेर लिया। अतः हमने उनकी नेमतों को यातना में बदलकर उन्हें दंडित किया, और उनपर एक भयंकर बाढ़ भेज दी, जिसने उनके बाँध को नष्ट कर दिया और उनके खेतों को डुबो दिया। तथा उनके दोनों बाग़ों को ऐसे दो बाग़ों से बदल दिया जो कड़वे फल देने वाले थे और उनके अंदर झाऊ के फलहीन पेड़ तथा कुछ थोड़े-से बेर थे।
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