सूरह 32 · जुज़ 21

As-Sajdah · 32:30

فَأَعْرِضْ عَنْهُمْ وَانْتَظِرْ إِنَّهُمْ مُنْتَظِرُونَ

अतः, आप विमुख हो जायें उनसे तथा प्रतीक्षा करें। ये भी प्रतीक्षा करने वाले हैं।

तफ़सीर

तो (ऐ रसूल) आप इनके अपनी पथभ्रष्टता में बने रहने के बाद इनसे मुँह फेर लें और उनके साथ जो होता है उसकी प्रतीक्षा करें। ये लोग भी उस यातना की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिसका आप उनसे वादा कर रहे हैं।

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