सूरह 32 · जुज़ 21
As-Sajdah · 32:18
أَفَمَنْ كَانَ مُؤْمِنًا كَمَنْ كَانَ فَاسِقًا ۚ لَا يَسْتَوُونَ
फिर क्या, जो ईमान वाला हो, उसके समान है, जो अवज्ञाकारी हो? वे सब समान नहीं हो सकेंगे।
तफ़सीर
जो व्यक्ति अल्लाह पर ईमान रखता है, उसके आदेशों का पालन करता है, उसके निषेधों से बचता है, वह उस व्यक्ति की तरह नहीं है जो उसकी आज्ञाकारिता से बाहर है। अल्लाह के यहाँ बदले में दोनों समूह बराबर नहीं हो सकते।
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