सूरह 31 · जुज़ 21
Luqman · 31:23
وَمَنْ كَفَرَ فَلَا يَحْزُنْكَ كُفْرُهُ ۚ إِلَيْنَا مَرْجِعُهُمْ فَنُنَبِّئُهُمْ بِمَا عَمِلُوا ۚ إِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ بِذَاتِ الصُّدُورِ
तथा जो काफ़िर हो गया, तो आपको उदासीन न करे उसका कुफ़्र। हमारी ओर ही उन्हें लौटना है, फिर हम सूचित कर देंगे उन्हें उनके कर्मों से। निःसंदेह अल्लाह अति ज्ञानि है दिलों के भेदों का।
तफ़सीर
तथा जिसने कुफ़्र किया, तो (ऐ रसूल) उसका कुफ़्र आपको शोकाकुल न करे। क़ियामत के दिन अकेले हमारी ही ओर उनको लौटना है। फिर हम उन्हें बताएँगे, जो कुछ उन्होंने दुनिया में पाप किए थे और उन्हें उनका बदला देंगे। निःसंदेह अल्लाह सीनों की बातों को ख़ूब जानने वाला है। इनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है
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