सूरह 31 · जुज़ 21

Luqman · 31:22

۞ وَمَنْ يُسْلِمْ وَجْهَهُ إِلَى اللَّهِ وَهُوَ مُحْسِنٌ فَقَدِ اسْتَمْسَكَ بِالْعُرْوَةِ الْوُثْقَىٰ ۗ وَإِلَى اللَّهِ عَاقِبَةُ الْأُمُورِ

और समर्पित कर देगा स्वयं को अल्लाह के तथा वह एकेश्वरवादी हो, तो उसने पकड़ लिया सुदृढ़ कड़ा तथा अल्लाह हीकी ओर कर्मों का परिणाम है।

तफ़सीर

जो व्यक्ति अल्लाह की ओर रुख कर ले, अपनी इबादत को उसी के लिए विशुद्ध करके और अपने काम को बेहतर बनाकर, तो उसने सबसे मज़बूत चीज़ थाम ली है, जिसे कोई मोक्ष की आशा रखने वाला व्यक्ति थाम सकता है। क्योंकि उसे उस चीज़ के टूटने का भय नहीं होता है, जो उसने पकड़ रखी है। और केवल अल्लाह ही की ओर समस्त मामलों अंजाम और उनका लौटना है, फिर वह हर एक को वह बदला देगा जिसका वह हक़दार है।

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Luqman 31:22 · Tlawati