सूरह 30 · जुज़ 21

Ar-Rum · 30:46

وَمِنْ آيَاتِهِ أَنْ يُرْسِلَ الرِّيَاحَ مُبَشِّرَاتٍ وَلِيُذِيقَكُمْ مِنْ رَحْمَتِهِ وَلِتَجْرِيَ الْفُلْكُ بِأَمْرِهِ وَلِتَبْتَغُوا مِنْ فَضْلِهِ وَلَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ

और उसकी निशानियों में से है कि भेजता है वायु को शुभ सूचना देने के लिए और ताकि चखाये तुम्हें अपनी दया (वर्षा) में से और ताकि नाव चले उसके आदेश से और ताकि तुम खोजो उसकी जीविका और ताकि तुम कृतज्ञ बनो।

तफ़सीर

तथा अल्लाह की शक्ति और एकता का संकेत देने वाली उसकी महान निशानियों में से एक यह है कि वह हवाओं को भेजता है, जो बंदों को बारिश उतरने के निकट होने की शुभ सूचना देती हैं, और ताकि वह तुम्हें (ऐ लोगो) बारिश के बाद होने वाली उर्वरता और समृद्धि के रूप में अपनी दया का स्वाद चखाए, और ताकि उसकी इच्छा से समुद्र में नावें चलें, और ताकि तुम समुद्र में व्यापार करके उसका अनुग्रह तलाश करो और ताकि तुम अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों का शुक्रिया अदा करो, तो वह तुम्हें और अधिक नेमतें प्रदान करे।

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