सूरह 30 · जुज़ 21
Ar-Rum · 30:44
مَنْ كَفَرَ فَعَلَيْهِ كُفْرُهُ ۖ وَمَنْ عَمِلَ صَالِحًا فَلِأَنْفُسِهِمْ يَمْهَدُونَ
जिसने कुफ़्र किया, तो उसीपर उसका कुफ़्र है और जिसने सदाचार किया, तो वे अपने ही लिए (सफलता का मार्ग) बना रहे हैं।
तफ़सीर
जिसने अल्लाह का इनकार किया, तो उसके इनकार का नुक़सान - जो कि हमेशा के लिए नरक में रहना है - उसी पर लौटने वाला है, और जिसने अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए अच्छा कार्य किया, तो ऐसे लोग अपने ही लिए जन्नत में दाखिल होने और उसकी नेमतों का आनंद लेने के लिए रास्ता हमवार कर रहे हैं। जिसमें वे हमेशा के लिए रहने वाले हैं।
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