सूरह 30 · जुज़ 21
Ar-Rum · 30:24
وَمِنْ آيَاتِهِ يُرِيكُمُ الْبَرْقَ خَوْفًا وَطَمَعًا وَيُنَزِّلُ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَيُحْيِي بِهِ الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِقَوْمٍ يَعْقِلُونَ
और उसकी निशानियों में से (ये भी) है कि वह दिखाता है तुम्हें बिजली को, भय तथा आशा बनाकर और उतारता है आकाश से जल, फिर जीवित करता है उसके द्वारा धरती को, उसके मरण के पश्चात्, वस्तुतः, इसमें कई निशानियाँ हैं, उन लोगों के लिए, जो सोचते हैं।
तफ़सीर
और उसकी शक्ति और एकता को दर्शाने वाली उसकी महान निशानियों में से : यह भी है कि वह तुम्हें आसमान में बिजली (की चमक) दिखाता है, और तुम्हारे लिए उसमें बिजली का भय और बारिश की लालच एकत्र कर देता है। और तुम्हारे लिए आसमान से बारिश का पानी उतारता है, फिर उसके द्वारा सूखी धरती को, उसमें पौधे उगाकर जीवित कर देता है। निश्चय ही इसमें उन लोगों के लिए स्पष्ट प्रमाण और संकेत हैं, जो समझ-बूझ रखते हैं। चुनाँचे वे इनसे मौत के बाद हिसाब और बदला के लिए पुनर्जीवित किए जाने का प्रमाण ग्रहण करते हैं।
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