सूरह 3 · जुज़ 4
Ali 'Imran · 3:98
قُلْ يَا أَهْلَ الْكِتَابِ لِمَ تَكْفُرُونَ بِآيَاتِ اللَّهِ وَاللَّهُ شَهِيدٌ عَلَىٰ مَا تَعْمَلُونَ
(हे नबी!) आप कह दें कि हे अह्ले किताब! ये क्या है कि तुम अल्लाह की आयतों के साथ कुफ़्र कर रहे हो, जबकि अल्लाह तुम्हारे कर्मों का साक्षी है?
तफ़सीर
(ऐ नबी!) आप कह दीजिए : ऐ किताब वाले यहूदियो और ईसाइयो! तुम नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सच्चे नबी होने के प्रमाणों का इनकार क्यों करते हो, जबकि उनमें से कुछ प्रमाण ऐसे हैं जो स्वयं तौरात और इंजील में वर्णित हैंॽ! अल्लाह तुम्हारे इस कार्य से अवगत और उसपर साक्षी है, और वह तुम्हें इसका बदला देगा।
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