सूरह 3 · जुज़ 3
Ali 'Imran · 3:80
وَلَا يَأْمُرَكُمْ أَنْ تَتَّخِذُوا الْمَلَائِكَةَ وَالنَّبِيِّينَ أَرْبَابًا ۗ أَيَأْمُرُكُمْ بِالْكُفْرِ بَعْدَ إِذْ أَنْتُمْ مُسْلِمُونَ
तथा वह तुम्हें कभी आदेश नहीं देगा कि फ़रिश्तों तथा नबियों को अपना पालनहार[1] (पूज्य) बना लो। क्या तुम्हें कुफ़्र करने का आदेश देगा, जबकि तुम अल्लाह के आज्ञाकारी हो?
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1. जैसे अपने पालनहार के आगे झुकते हो, उसी प्रकार उन के आगे भी झुको।
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1. जैसे अपने पालनहार के आगे झुकते हो, उसी प्रकार उन के आगे भी झुको।
तफ़सीर
(इसी प्रकार) उसके लिए यह भी उचित नहीं है कि वह तुम्हें आदेश दे कि फ़रिश्तों और नबियों को रब बना लो, जिनकी अल्लाह को छोड़कर उपासना करो। क्या उसके लिए यह जायज़ है कि वह तुम्हें अल्लाह के साथ कुफ़्र करने का आदेश दे, जबकि तुम उसके अधीन हो गए और उसके सामने समर्पित (आज्ञाकारी) हो गए?!
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