सूरह 3 · जुज़ 3
Ali 'Imran · 3:70
يَا أَهْلَ الْكِتَابِ لِمَ تَكْفُرُونَ بِآيَاتِ اللَّهِ وَأَنْتُمْ تَشْهَدُونَ
हे अह्ले किताब! तुम अल्लाह की आयतों[1] के साथ कुफ़्र क्यों कर रहे हो, जबकि तुम साक्षी[2] हो?
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1. जो तुम्हारी किताब में अन्तिम नबी से संबंधित है। 2. अर्थात उन आयतों के सत्य होने के साक्षी हो।
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1. जो तुम्हारी किताब में अन्तिम नबी से संबंधित है। 2. अर्थात उन आयतों के सत्य होने के साक्षी हो।
तफ़सीर
ऐ किताब वाले यहूदियो और ईसाइयो! तुम अल्लाह की उन आयतों का इनकार क्यों करते हो, जो तुमपर उतारी गई हैं और जो उनमें मुहम्मद - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम - की नुबुव्वत का सबूत है, जबकि तुम इस बात के गवाह हो कि वह (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का ईश्दूत होना) सत्य है, जिसका तुम्हारी किताबों में प्रमाण है?!
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