सूरह 3 · जुज़ 4
Ali 'Imran · 3:116
إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا لَنْ تُغْنِيَ عَنْهُمْ أَمْوَالُهُمْ وَلَا أَوْلَادُهُمْ مِنَ اللَّهِ شَيْئًا ۖ وَأُولَٰئِكَ أَصْحَابُ النَّارِ ۚ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ
(परन्तु) जो काफ़िर[1] हो गये, उनके धन और उनकी संतान अल्लाह (की यातना) से उन्हें तनिक भी बचा नहीं सकेगी तथा वही नारकी हैं, वही उसमें सदावासी होंगे।
____________________
1. अर्थात अल्लाह की आयतों (क़ुर्आन) को नकार दिया।
____________________
1. अर्थात अल्लाह की आयतों (क़ुर्आन) को नकार दिया।
तफ़सीर
निःसंदेह जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल का इनकार किया, उनके धन और उनकी संतान अल्लाह के मुक़ाबले में उनके कुछ भी काम नहीं आएंगे। वे न उनसे उसके अज़ाब को दूर करेंगे और न उनके लिए उसकी दया को लाएंगे। बल्कि उनकी पीड़ा और खेद में वृद्धि कर देंगे। तथा वही लोग नरक वाले हैं जो उसमें हमेशा रहेंगे।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें