सूरह 29 · जुज़ 21
Al-'Ankabut · 29:57
كُلُّ نَفْسٍ ذَائِقَةُ الْمَوْتِ ۖ ثُمَّ إِلَيْنَا تُرْجَعُونَ
प्रत्येक प्राणी मौत का स्वाद चखने वाला है, फिर तुम हमारी ही ओर फेरे[1] जाओगे।
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1. अर्थात अपने कर्मों का फल भोगन के लिये।
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1. अर्थात अपने कर्मों का फल भोगन के लिये।
तफ़सीर
मृत्यु का डर तुम्हें हिजरत से न रोके। क्योंकि हर प्राणी मृत्यु का स्वाद चखने वाला है। फिर तुम्हें क़ियामत के दिन हिसाब और बदले के लिए हमारे ही पास लौटकर आना है।
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