सूरह 23 · जुज़ 18
Al-Mu'minun · 23:65
لَا تَجْأَرُوا الْيَوْمَ ۖ إِنَّكُمْ مِنَّا لَا تُنْصَرُونَ
आज विलाप न करो, निःसंदेह तुम हमारी ओर से सहायता नहीं दिये जाओगे।
तफ़सीर
तो उन्हें अल्लाह की दया से निराश करते हुए कहा जाएगा : आज मत चिल्लाओ और न मदद माँगो। क्योंकि आज तुम्हारा कोई मददगार नहीं है, जो तुम्हें अल्लाह की यातना से बचा सके।
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