सूरह 20 · जुज़ 16
Ta-Ha · 20:3
إِلَّا تَذْكِرَةً لِمَنْ يَخْشَىٰ
परन्तु ये उसकी शिक्षा के लिए है, जो डरता[1] हो।
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1. अर्थात ईमान न लाने तथा कुकर्मों के दुष्परिणाम से।
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1. अर्थात ईमान न लाने तथा कुकर्मों के दुष्परिणाम से।
तफ़सीर
हमने इसे केवल उन लोगों की याददहानी के लिए उतारा है, जिन्हें अल्लाह ने अपने डर की तौफ़ीक़ प्रदान की है।
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