सूरह 20 · जुज़ 16
Ta-Ha · 20:2
مَا أَنْزَلْنَا عَلَيْكَ الْقُرْآنَ لِتَشْقَىٰ
हमने नहीं अवतरित किया है आपपर क़ुर्आन इस लिए कि आप दुःखी हों[1]।
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1. अर्थात विरोधियों के ईमान न लाने पर।
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1. अर्थात विरोधियों के ईमान न लाने पर।
तफ़सीर
हमने (ऐ रसूल!) आपपर यह क़ुरआन इसलिए नहीं उतारा कि वह आपकी जाति के आपपर ईमान लाने से उपेक्षा करने पर खेद के परिणामस्वरूप आपके कष्ट तथा थकावट का कारण बन जाए।
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