सूरह 18 · जुज़ 15
Al-Kahf · 18:53
وَرَأَى الْمُجْرِمُونَ النَّارَ فَظَنُّوا أَنَّهُمْ مُوَاقِعُوهَا وَلَمْ يَجِدُوا عَنْهَا مَصْرِفًا
और अपराधी नरक को देखेंगे, तो उन्हें विश्वास जो जायेगा कि वे उसमें गिरने वाले हैं और उससे फिरने का कोई स्थान नहीं पायेंगे।
तफ़सीर
और अल्लाह का साझी बनाने वाले लोग जहन्नम को देखेंगे, तो वे पूरी तरह से निश्चित हो जाएँगे कि वे उसमें गिरने वाले हैं और उन्हें कोई स्थान नहीं मिलेगा जहाँ वे उससे मुड़कर शरण ले सकें।
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