सूरह 18 · जुज़ 15

Al-Kahf · 18:19

وَكَذَٰلِكَ بَعَثْنَاهُمْ لِيَتَسَاءَلُوا بَيْنَهُمْ ۚ قَالَ قَائِلٌ مِنْهُمْ كَمْ لَبِثْتُمْ ۖ قَالُوا لَبِثْنَا يَوْمًا أَوْ بَعْضَ يَوْمٍ ۚ قَالُوا رَبُّكُمْ أَعْلَمُ بِمَا لَبِثْتُمْ فَابْعَثُوا أَحَدَكُمْ بِوَرِقِكُمْ هَٰذِهِ إِلَى الْمَدِينَةِ فَلْيَنْظُرْ أَيُّهَا أَزْكَىٰ طَعَامًا فَلْيَأْتِكُمْ بِرِزْقٍ مِنْهُ وَلْيَتَلَطَّفْ وَلَا يُشْعِرَنَّ بِكُمْ أَحَدًا

और इसी प्रकार, हमने उन्हें जगा दिया, ताकि वे आपस में प्रश्न करें। तो एक ने उनमें से कहाः तुम कितने (समय) रहे हो? सबने कहाः हम एक दिन रहे हैं अथवा एक दिन के कुछ (समय)। (फिर) सबने कहाः अल्लाह अधिक जानता है कि तुम कितने (समय) रहे हो, तुम अपने में से किसी को, अपना ये सिक्का देकर नगर में भेजो, फिर देखे कि किसके पास अधिक स्वच्छ (पवित्र) भोजन है और उसमें से कुछ जीविका (भोजन) लाये और चाहिए कि सावधानी बरते। ऐसा न हो कि तुम्हारा किसी को अनुभव हो जाये।

तफ़सीर

जिस प्रकार हमने उनके साथ वह कुछ किया, जिसका हमने अपनी शक्ति के अजूबों में से उल्लेख किया है, उसी प्रकार हमने उन्हें एक लंबी अवधि के बाद जगा दिया, ताकि वे एक-दूसरे से उस अवधि के बारे में पूछें, जो उन्होंने सोते हुए बिताई। चुनाँचे उनमें से कुछ ने उत्तर दिया : हम एक दिन या दिन के कुछ समय तक सोए रहे। जबकि उनमें से जिसके लिए उनके सोए रहने की अवधि स्पष्ट नहीं हो सकी, उसने उत्तर दिया : तुम्हारा पालनहार ही अधिक जानता है कि तुम कितने दिनों तक सोए रहे। अतः इसके ज्ञान को उसी के हवाले कर दो और अपने काम में व्यस्त हो जाओ। इसलिए अब तुम अपने में से किसी व्यक्ति को चाँदी के ये सिक्के देकर अपने शहर की ओर भेजो। वह देख ले कि नगर का कौन व्यक्ति अधिक उत्तम एवं पवित्र भोजन रखता है, तो उससे तुम्हारे पास कुछ खाना ले आए। और वह जाते-आते तथा सौदा करते समय सावधान रहे तथा व्यवहार कुशलता से काम ले और किसी को भी तुम्हारे स्थान का पता न चलने दे। क्योंकि इससे बड़ा नुकसान हो सकता है।

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