सूरह 17 · जुज़ 15
Al-Isra · 17:79
وَمِنَ اللَّيْلِ فَتَهَجَّدْ بِهِ نَافِلَةً لَكَ عَسَىٰ أَنْ يَبْعَثَكَ رَبُّكَ مَقَامًا مَحْمُودًا
तथा आप रात के कुछ समय जागिए, फिर "तह़जुद[1]" पढ़िये। ये आपके लिए अधिक (नफ़्ल) है। संभव है आपका पालनहार आपको "मक़ामे मह़मूद[2]" प्रदान कर दे।
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1. तहज्जुद का अर्थ है रात के अन्तिम भाग में नमाज़ पढ़ना। 2. "मक़ामे मह़मूद" का अर्थ है प्रशंसा योग्य स्थान। और इस से अभिप्राय वह स्थान है जहाँ से आप प्रलय के दिन शफ़ाअत (सिफ़ारिश) करेंगे।
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1. तहज्जुद का अर्थ है रात के अन्तिम भाग में नमाज़ पढ़ना। 2. "मक़ामे मह़मूद" का अर्थ है प्रशंसा योग्य स्थान। और इस से अभिप्राय वह स्थान है जहाँ से आप प्रलय के दिन शफ़ाअत (सिफ़ारिश) करेंगे।
तफ़सीर
और (ऐ रसूल) आप रात के कुछ समय में उठकर नमाज़ पढ़ें। ताकि यह नमाज़ आपके दर्जों को बुलंद करने में वृद्धि का कारण बने। यह इच्छा करते हुए कि आपका पालनहार आपको क़ियामत के दिन लोगों को उस दिन की भयावहता से मुक्ति दिलाने के लिए सिफ़ारिशी बनाकर उठाए और आपको महान सिफारिश का वह स्थान प्राप्त हो, जिसपर पहले और बाद के सभी लोग आपकी प्रशंसा करेंगे।
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