सूरह 17 · जुज़ 15
Al-Isra · 17:28
وَإِمَّا تُعْرِضَنَّ عَنْهُمُ ابْتِغَاءَ رَحْمَةٍ مِنْ رَبِّكَ تَرْجُوهَا فَقُلْ لَهُمْ قَوْلًا مَيْسُورًا
और यदि आप उनसे विमुख हों, अपने पालनहार की दया की खोज के लिए जिसकी आशा रखते हों, तो उनसे सरल[1] बात बोलें।
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1. अर्थात उन्हें सरलता से समझा दें कि अभी कुछ नहीं है। जैसे ही कुछ आया तुम्हें अवश्य दूँगा।
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1. अर्थात उन्हें सरलता से समझा दें कि अभी कुछ नहीं है। जैसे ही कुछ आया तुम्हें अवश्य दूँगा।
तफ़सीर
और यदि तुम इन लोगों को कुछ न दे सको; क्योंकि अल्लाह की ओर से जीविका प्रदान किए जाने की प्रतीक्षा करते हुए उन्हें देने के लिए कुछ भी नहीं है, तो तुम उनसे नरम और आसान बात कहो। उदाहरण के लिए तुम उनके लिए जीविका के विस्तार की दुआ करो, या अल्लाह की ओर से धन प्राप्त होने पर उन्हें देने का वादा करो।
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