सूरह 14 · जुज़ 13
Ibrahim · 14:43
مُهْطِعِينَ مُقْنِعِي رُءُوسِهِمْ لَا يَرْتَدُّ إِلَيْهِمْ طَرْفُهُمْ ۖ وَأَفْئِدَتُهُمْ هَوَاءٌ
वे दौड़ते हुए अपने सिर ऊपर किये हुए होंगे, उनकी आँखें उनकी ओर नहीं फिरेंगी और उनके दिल गिरे[1] हुए होंगे।
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1. यहाँ अर्बी भाषा का शब्द "हवाअ" प्रयुक्त हुआ है। जिस का एक अर्थ शून्य (ख़ाली), अर्थात भय के कारण उसे अपनी सुध न होगी।
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1. यहाँ अर्बी भाषा का शब्द "हवाअ" प्रयुक्त हुआ है। जिस का एक अर्थ शून्य (ख़ाली), अर्थात भय के कारण उसे अपनी सुध न होगी।
तफ़सीर
जब लोग क़ब्रों से उठकर पुकारने वाले की ओर तेज़ी से भागेंगे, अपने सिर को उठाए हुए होंगे, वे घबराहट से आकाश की ओर देखेंगे, उनकी निगाहें उनकी ओर नहीं लौटेंगी, बल्कि वे जो कुछ भी देख रही होंगी उसके डर से खुली की खुली रह जाएँगी और उनके दिल ख़ाली होंगे, उस दिन के दृश्य की दहशत से उनमें कोई समझ-बूझ नहीं होगी।
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