सूरह 14 · जुज़ 13
Ibrahim · 14:33
وَسَخَّرَ لَكُمُ الشَّمْسَ وَالْقَمَرَ دَائِبَيْنِ ۖ وَسَخَّرَ لَكُمُ اللَّيْلَ وَالنَّهَارَ
तथा तुम्हारे लिए सूर्य और चाँद को काम में लगाया, जो दोनों निरन्तर चल रहे हैं और तुम्हार लिए रात्री और दिवस को वश में[1] कर दिया।
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1. वश में करने का अर्थ यह है कि अल्लाह ने इन के ऐसे नियम बना दिये हैं, जिन के कारण यह मानव के लिये लाभदायक हो सकें।
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1. वश में करने का अर्थ यह है कि अल्लाह ने इन के ऐसे नियम बना दिये हैं, जिन के कारण यह मानव के लिये लाभदायक हो सकें।
तफ़सीर
उसने सूर्य और चाँद को तुम्हारे लिए वशीभूत कर दिया, जो लगातार गतिशील हैं, तथाा दिन और रात को तुम्हारे लिए वशीभूत कर दिया, जो एक-दूसरे के बाद आते-जाते हैं; रात तुम्हारे सोने और आराम करने के लिए और दिन तुम्हारी गतिविधि और दौड़-धूप करने के लिए है।
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