सूरह 11 · जुज़ 12
Hud · 11:94
وَلَمَّا جَاءَ أَمْرُنَا نَجَّيْنَا شُعَيْبًا وَالَّذِينَ آمَنُوا مَعَهُ بِرَحْمَةٍ مِنَّا وَأَخَذَتِ الَّذِينَ ظَلَمُوا الصَّيْحَةُ فَأَصْبَحُوا فِي دِيَارِهِمْ جَاثِمِينَ
और जब हमारा आदेश आ गया, तो हमने शोऐब को और जो उसके साथ ईमान लाये थे, अपनी दया से बचा लिया और अत्याचारियों को बड़ी ध्वनि ने पकड़ लिया। फिर वे अपने घरों में औंधे मुँह पड़े रह गये।
तफ़सीर
और जब शुऐब की जाति के लोगों को नष्ट करने का हमारा आदेश आ गया, तो हमने अपनी दया से शुऐब और उनके साथ ईमान लाने वालों को बचा लिया। और उसकी जाति के अत्याचारियों को एक विनाशकारी भयानक ध्वनि ने पकड़ लिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई और वे इस तरह औंधे पड़े हुए थे कि उनके चेहरे मिट्टी से चिपक गए थे।
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