सूरह 11 · जुज़ 12

Hud · 11:93

وَيَا قَوْمِ اعْمَلُوا عَلَىٰ مَكَانَتِكُمْ إِنِّي عَامِلٌ ۖ سَوْفَ تَعْلَمُونَ مَنْ يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَمَنْ هُوَ كَاذِبٌ ۖ وَارْتَقِبُوا إِنِّي مَعَكُمْ رَقِيبٌ

और हे मेरी जाति के लोगो! तुम अपने स्थान पर काम करो, मैं (अपने स्थान पर) काम कर रहा हूँ। तुम्हें शीघ्र ही ज्ञान हो जायेगा कि किसपर ऐसी यातना आयेगी, जो उसे अपमानित कर दे तथा कौन झूठा है? तुम प्रतीक्षा करो, मैं (भी) तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वाला हूँ।

तफ़सीर

और ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम अपने सामर्थ्य के अनुसार अपने मन पसंद तरीक़े पर काम करो, मैं (भी) अपने पसंद किए हुए तरीक़े पर अपने सामर्थ्य भर कार्य कर रहा हूँ। शीघ्र ही तुम्हें पता चाल जाएगा कि हममें से किसके पास, उसे दंडित करने के लिए, अपमानित करने वाली यातना आती है और हममें से कौन अपने दावे में झूठा है। अतः प्रतीक्षा करो कि अल्लाह क्या निर्णय करता है, मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा कर रहा हूँ।

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