सूरह 11 · जुज़ 12
Hud · 11:77
وَلَمَّا جَاءَتْ رُسُلُنَا لُوطًا سِيءَ بِهِمْ وَضَاقَ بِهِمْ ذَرْعًا وَقَالَ هَٰذَا يَوْمٌ عَصِيبٌ
और जब हमारे फ़रिश्ते लूत के पास आये, तो उनका आना उसे बुरा लगा और उनके कारण व्याकूल हो गया और कहाः ये तो बड़ी विपता का[1] दिन है।
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1. फ़रिश्ते सुन्दर किशोरों के रूप में आये थे। और लूत अलैहिस्सलाम की जाति का आचरण यह था कि वह बालमैथुन में रूचि रखती थी। इस लिये उन्हों ने उन को पकड़ने की कोशिश की। इसी लिये इन अतिथियों के आने पर लूत अलैहिस्सलाम व्याकूल हो गये थे।
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1. फ़रिश्ते सुन्दर किशोरों के रूप में आये थे। और लूत अलैहिस्सलाम की जाति का आचरण यह था कि वह बालमैथुन में रूचि रखती थी। इस लिये उन्हों ने उन को पकड़ने की कोशिश की। इसी लिये इन अतिथियों के आने पर लूत अलैहिस्सलाम व्याकूल हो गये थे।
तफ़सीर
और जब फ़रिश्ते लूत के पास पुरुषों की वेशभूषा में आए, तो उनका आना उन्हें बुरा लगा। और उनके संबंध में अपनी जाति के भय से उनका सीना तंग हो गया, जो महिलओं को छोड़कर परुषों से अपनी कामवासना पूरी करते थे। लूत ने कहा : यह बड़ा सख्त दिन है। क्योंकि उन्होंने सोचा कि उनकी जाति के लोग उनके अतिथियों के संबंध में उनपर हावी हो जाएँगे।
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