सूरह 11 · जुज़ 12
Hud · 11:76
يَا إِبْرَاهِيمُ أَعْرِضْ عَنْ هَٰذَا ۖ إِنَّهُ قَدْ جَاءَ أَمْرُ رَبِّكَ ۖ وَإِنَّهُمْ آتِيهِمْ عَذَابٌ غَيْرُ مَرْدُودٍ
(फ़रिश्तों ने कहाः) हे इब्राहीम! इस बात को छोड़ो, वास्तव में, तेरे पालनहार का आदेश[1] आ गया है तथा उनपर ऐसी यातना आने वाली, है जो टलने वाली नहीं है।
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1. आर्थात यातना का आदेश।
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1. आर्थात यातना का आदेश।
तफ़सीर
फ़रिश्तों ने कहा : ऐ इबराहीम! लूत की जाति के बारे में बहस करना छोड़ो। निःसंदेह उनपर उस यातना को लाने का अल्लाह का निर्णय आ चुका है, जो उसने उनपर मुक़द्दर किया है। निःसंदेह लूत की जाति पर बड़ा अज़ाब आने वाला है, जिसे न कोई बहस टाल सकती है और न कोई प्रार्थना।
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