सूरह 11 · जुज़ 12

Hud · 11:73

قَالُوا أَتَعْجَبِينَ مِنْ أَمْرِ اللَّهِ ۖ رَحْمَتُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ عَلَيْكُمْ أَهْلَ الْبَيْتِ ۚ إِنَّهُ حَمِيدٌ مَجِيدٌ

फ़रिश्तों ने कहाः क्या तू अल्लाह के आदेश से आश्चर्य करती है? हे घर वालो! तुम सब पर अल्लाह की दया तथा सम्पन्नता है, निसंदेह वह अति प्रशंसित, श्रेष्ठ है।

तफ़सीर

जब सारा शुभसूचना पर आश्चर्य प्रकट करने लगीं, तो फरिश्तों ने उनसे कहा : क्या तुझे अल्लाह के अनुमान और निर्णय पर आश्चर्य है? तुम जैसे लोगों से यह तथ्य छिपा नहीं है कि अल्लाह ऐसे कार्यों पर सामर्थ्य रखता है। ऐ इबराहीम के घर वालो! तुमपर अल्लाह की दया और उसकी बरकतें (विभूतियाँ) हों। निःसंदेह अल्लाह अपने कार्यों तथा गुणों में प्रशंसित और वैभवशाली एवं उच्च है।

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