सूरह 11 · जुज़ 12
Hud · 11:13
أَمْ يَقُولُونَ افْتَرَاهُ ۖ قُلْ فَأْتُوا بِعَشْرِ سُوَرٍ مِثْلِهِ مُفْتَرَيَاتٍ وَادْعُوا مَنِ اسْتَطَعْتُمْ مِنْ دُونِ اللَّهِ إِنْ كُنْتُمْ صَادِقِينَ
क्या वह कहते हैं कि उसने इस (क़ुर्आन) को स्वयं बना लिया है? आप कह दें कि इसीके समान दस सूरतें बना लाओ[1] और अल्लाह के सिवा, जिसे हो सके, बुला हो, यदि तुम लोग सच्चे हो।
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1. अल्लाह का यह चैलेंज है कि अगर तुम को शंका है कि यह क़ुर्आन मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने स्वयं बना लिया है तो तुम इस जैसी दस सूरतें ही बना कर दिखा दो। और यह चैलेंज प्रलय तक के लिये है। और कोई दस तो क्या इस जैही एक सूरह भी नहीं ला सकता। (देखियेः सूरह यूनुस, आयतः38 तथा सूरह बक़रह, आयतः23)
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1. अल्लाह का यह चैलेंज है कि अगर तुम को शंका है कि यह क़ुर्आन मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने स्वयं बना लिया है तो तुम इस जैसी दस सूरतें ही बना कर दिखा दो। और यह चैलेंज प्रलय तक के लिये है। और कोई दस तो क्या इस जैही एक सूरह भी नहीं ला सकता। (देखियेः सूरह यूनुस, आयतः38 तथा सूरह बक़रह, आयतः23)
तफ़सीर
बल्कि क्या मुश्रिक लोग यह कहते हैं कि मुहम्मद ने कुरआन स्वयं गढ़ लिया है और यह अल्लाह की वह़्य नहीं है। (ऐ रसूल) आप उन्हें चुनौती देते हुए कह दीजिए : तुम भी इस कुरआन के समान गढ़ी हुई दस सूरतें ले आओ, जिनमें तुम उस क़ुरआन की तरह सच्चाई का पालन न करो, जिसके बारे में तुम्हारा दावा है कि वह गढ़ा हुआ है। तथा तुम जिसे भी बुला सकते हो, बुला लो; ताकि इस काम पर उसकी मदद ले सको, यदि तुम अपने इस दावा में सच्चे हो कि कुरआन गढ़ा हुआ है।
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