सूरह 11 · जुज़ 12

Hud · 11:12

فَلَعَلَّكَ تَارِكٌ بَعْضَ مَا يُوحَىٰ إِلَيْكَ وَضَائِقٌ بِهِ صَدْرُكَ أَنْ يَقُولُوا لَوْلَا أُنْزِلَ عَلَيْهِ كَنْزٌ أَوْ جَاءَ مَعَهُ مَلَكٌ ۚ إِنَّمَا أَنْتَ نَذِيرٌ ۚ وَاللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ

तो (हे नबी!) संभवतः आप उसमें से कुछ को, जो आपकी ओर प्रकाशना की जा रही है, त्याग देने वाले हैं और इसके कारण आपका दिल सिकुड़ रहा है कि वे कहते हैं कि इसपर कोई कोष क्यों नहीं उतारा गया या इसके साथ कोई फरिश्ता क्यों (नहीं) आया? (तो सुनिए) आपकेवल सचेत करने वाले हैं और अल्लाह ही प्रत्येक चीज़ पर रक्षक है।

तफ़सीर

ऐसा लगता है कि (ऐ रसूल) आप (उनके कुफ़्र, हठधर्मी तथा निशानियों के सुझाव का सामना करने के कारण) कुछ ऐसी चीज़ों को पहुँचाने का काम छोड़ देने वाले हैं, जिन्हें पहुँचाने का अल्लाह ने आपको आदेश दिया है और उनपर अमल करना उनके लिए कठिन है। तथा उन बातों को पहुँचाने से आपका दिल इसलिए तंग हो रहा है कि वे यह न कह दें : उस (मुह़म्मद) पर कोई ख़ज़ाना क्यों नहीं उतारा गया, जिससे वह धनी हो जाता, या उसके साथ कोई फ़रिश्ता क्यों नहीं आया, जो उसके सच्चे नबी होने की पुष्टि करता। अतः इन बातों की वजह से आप अपनी ओर की जाने वाली वह़्य की कुछ चीज़ों को न छोड़ें। आप तो केवल डराने वाले हैं। आप उसी का प्रचार करते हैं जिसके प्रचार का अल्लाह ने आपको आदेश दिया है। वे लोग जिन निशानियों का प्रस्ताव रख रहे हैं, उन्हें प्रस्तुत करना आपका कर्तव्य नहीं है। और अल्लाह प्रत्येक चीज़ का संरक्षक है।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें