सूरह 107 · जुज़ 30

Al-Ma'un · 107:3

وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ الْمِسْكِينِ

और ग़रीब को भोजन देने पर नहीं उभारता।[1]
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1. (2-3) इन आयतों में उन काफ़िरों (अधर्मियों) की दशा बताई गई है जो परलोक का इन्कार करते थे।

तफ़सीर

वह ग़रीबों को खाना खिलाने के लिए न खुद से आग्रह करता है और न ही दूसरों से आग्रह करता है।

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