सूरह 107 · जुज़ 30
Al-Ma'un · 107:2
فَذَٰلِكَ الَّذِي يَدُعُّ الْيَتِيمَ
यही वह है, जो अनाथ (यतीम) को धक्का देता है।
तफ़सीर
यही वह व्यक्ति है, जो अनाथ को उसकी जरूरतों से वंचित कर उसे सख़्ती के साथ भगा देता है।
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सूरह 107 · जुज़ 30
فَذَٰلِكَ الَّذِي يَدُعُّ الْيَتِيمَ
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