सूरह 10 · जुज़ 11
Yunus · 10:108
قُلْ يَا أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاءَكُمُ الْحَقُّ مِنْ رَبِّكُمْ ۖ فَمَنِ اهْتَدَىٰ فَإِنَّمَا يَهْتَدِي لِنَفْسِهِ ۖ وَمَنْ ضَلَّ فَإِنَّمَا يَضِلُّ عَلَيْهَا ۖ وَمَا أَنَا عَلَيْكُمْ بِوَكِيلٍ
(हे नबी!) कह दो कि हे लोगो! तुम्हारे पालनहार की ओर से तुम्हारे पास सत्य आ गया[1] है। अब जो सीधी डगर अपनाता हो, तो उसी के लिए लाभदायक है और जो कुपथ हो जाये, तो उसका कुपथ उसी के लिए नाशकारी है और मैं तुमपर अधिकारी नहीं हूँ[2]।
____________________
1. अर्थात मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम क़ुर्आन ले कर आ गये हैं। 2. अर्थात मेरा कर्तव्य यह नहीं है कि तुम्हें बलपूर्वक सीधी डगर पर कर दूँ।
____________________
1. अर्थात मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम क़ुर्आन ले कर आ गये हैं। 2. अर्थात मेरा कर्तव्य यह नहीं है कि तुम्हें बलपूर्वक सीधी डगर पर कर दूँ।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप कह दीजिए : ऐ लोगो! तुम्हारे पालनहार की ओर से अवतिरत क़ुरआन तुम्हारे पास आ गया है। अतः जो कोई सीधा मार्ग अपनाएगा और उसपर ईमान लाएगा, उसका लाभ उसी को प्राप्त होगा, क्योंकि अल्लाह अपने बंदों की आज्ञाकारिता से निस्पृह है। और जो कोई पथभ्रष्टता का मार्ग अपनाएगा, उसकी पथभ्रष्टता का प्रभाव केवल उसी पर होगा, क्योंकि अल्लाह को उसके बंदों की अवज्ञा से हानि नहीं पहुँच सकती। और मैं तुम्हारे ऊपर कोई निरीक्षक नहीं हूँ कि तुम्हारे कर्मों का संरक्षण करूँ और तुमसे उनका हिसाब लूँ।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें