सूरह 10 · जुज़ 11

Yunus · 10:107

وَإِنْ يَمْسَسْكَ اللَّهُ بِضُرٍّ فَلَا كَاشِفَ لَهُ إِلَّا هُوَ ۖ وَإِنْ يُرِدْكَ بِخَيْرٍ فَلَا رَادَّ لِفَضْلِهِ ۚ يُصِيبُ بِهِ مَنْ يَشَاءُ مِنْ عِبَادِهِ ۚ وَهُوَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ

और यदि अल्लाह आपको कोई दुःख पहुँचाना चाहे, तो उसके सिवा कोई उसे दूर करने वाला नहीं और यदि आपको कोई भलाई पहुँचाना चाहे, तो कोई उसकी भलाई को रोकने वाला नहीं। वह अपनी दया अपने भक्तों में से जिसपर चाहे, करता है तथा वह क्षमाशील दयावान् है।

तफ़सीर

यदि अल्लाह (ऐ रसूल!) आपको किसी विपत्ति से पीड़ित कर दे और आप उसे अपने से दूर करना चाहें, तो पवित्र अल्लाह के सिवा कोई उसे दूर करने वाला नहीं, और यदि वह आपके साथ भलाई का इरादा कर ले, तो कोई उसके अनुग्रह को रोक नहीं सकता। वह अपने बंदों में से जिसे चाहता है, अपने अनुग्रह से सम्मानित करता है। अतः उसे कोई विवश करने वाला नहीं। तथा वह अपने तौबा करने वाले बंदों को बहुत क्षमा करने वाला, उनपर अत्यंत दयावान है।

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